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कुछ तो मजबूरिय रही होगी वरना यूँ ही कोई बेवफा नहीं होता.............?

Thursday, 8 September 2011

यु तो आंसू


जलाते  है  हम
अपने  दिल  को  दीये की  तरह ..
तेरी  ज़िन्दगी  में 
खुशियों  की  रौशनी  लाने  के  लिए
सह  जाते  है  हर  चुभन  को
अपने  पैरों  तले
तेरी  राहों  में  फूल  बिछाने   के  लिए ..`
यूँ  दूर  रहकर
दूरियों  को  बढाया  नहीं  करते ,
अपने  दीवानों  को यु  सताया
नहीं  करते ,
हर  वक़्त  बस  जिसे  तुम्हारा  ख्याल  हो ,
उसे  अपनी...
आवाज़  के  लिए  तरपाया   नहीं  करते ..
यकीन हर  रिश्ते  की
बुनियाद  होती  हैं  ,
                       जो ,टूट  जाए  अगर 
तो  जुड़ना  मुश्किल  होता  हैं  ,
कहना  आसान  हैं  हमें
यकीन नहीं  हैं  तुमपे ,
लेकिन  दर्द ...
 इसका  बेपनाह  होता  हैं .
यु तो आंसू  को बहुत समझाया
तन्हाई  में  आया  करो ,
महफ़िल  में  हमारा  मजाक  न  उराया  करो ,
                                                            इसपर  आंसू  तड़प  कर  बोला ,
भरी  महफ़िल  में  आपका  दिल  अकेला  न  रहे ,
तो ये अब ये भी तुम्हारे है
इतना  बस  इन्हें  समझाया  करो ..
`
गम  में  हसने  वालो को  कभी  रुलाया  नहीं  जाता ,
लहरों  से  पानी  को  कभी  हटाया  नहीं  जाता ,
होने  वाले  हो  जाते  हैं   खुद  ही  दिल  से  अपने  ,
किसीको  कहकर  अपना  बनाया  नही  जाता ……,
                                                              "निर्मोही"

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